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हुआ है क़त्ल मगर कोई वार्दात नहीं (रुबाइ)





वही हैं  लुत्फ़ो  -  करम
अब  मगर वो बात नहीं, 
मुझे   ख़बर  है मुहब्बत
किसी   की  ज़ात  नहीं, 
ये   तुझसे   छूटते    ही 
क्या हुआ सियासत को;
हुआ   है   क़त्ल   मगर
कोई     वार्दात     नहीं! 
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24 Comments

Chetna swrnkar

24-Aug-2022 12:37 PM

Very nice

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Virendra Pratap Singh

24-Aug-2022 01:32 PM

Thank you so much Chetna Jee.

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Alka jain

23-Aug-2022 05:05 PM

बेहतरीन

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Virendra Pratap Singh

23-Aug-2022 09:05 PM

प्रिय आत्मन् अल्का जी, रुबाइ को पसंद करने और उस पर टिप्पणी करने के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद और मेरा आत्मीय आभार, स्वीकार करें.

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Nice 👌🌺

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Virendra Pratap Singh

23-Aug-2022 09:02 PM

आंचल सोनी 'हिया' जी को मेरा आत्मिक आभार.

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